सटीक बात करनेवालोंकी बात भी रहे जाती है और मान भी
अधिक बोलनेवाले अक्सर अपनी मर्यादा भूल जाया करते है
मजलिसी में बैठ कर अवमाननाओका बखेड़ा करते है ...
और तो और क्या सच और क्या झूठ बोल रहे है ...
इसका भी उन्हें होश नहीं होता है ....
ऐसे लोगोंसे और ऐसी मजलिसी से (महेफिल)
दूर ही रहना सही होता है ...
अधिक बोलनेवाले अक्सर अपनी मर्यादा भूल जाया करते है
मजलिसी में बैठ कर अवमाननाओका बखेड़ा करते है ...
और तो और क्या सच और क्या झूठ बोल रहे है ...
इसका भी उन्हें होश नहीं होता है ....
ऐसे लोगोंसे और ऐसी मजलिसी से (महेफिल)
दूर ही रहना सही होता है ...

No comments:
Post a Comment